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Volume : IX, Issue : IX, October - 2019 अनिल त्रिपाठी की कृति ‘अचानक कुछ नहीं होता’ का विश्लेषणात्मक अध्ययन डाॅ. विशाल श्रीवास्तव, None By : Laxmi Book Publication Abstract : यह शोध-पत्र अनिल त्रिपाठी की कृति ‘अचानक कुछ नहीं होता’ का विश्लेषणात्मक अध्ययन प्रस्तुत करता है, जिसमें समकालीन हिन्दी कविता के परिप्रेक्ष्य में जीवन, समाज और समय की जटिलताओं को समझने का प्रयास किया गया है। Keywords : Article : Cite This Article : डाॅ. विशाल श्रीवास्तव, None(2019). अनिल त्रिपाठी की कृति ‘अचानक कुछ नहीं होता’ का विश्लेषणात्मक अध्ययन. Indian Streams Research Journal, Vol. IX, Issue. IX, http://isrj.org/UploadedData/11748.pdf References : - नामवर सिंह. (2002). इतिहास और आलोचना. राजकमल प्रकाशन।
- अनिल त्रिपाठी. (2012). अचानक कुछ नहीं होता. शिल्पायन प्रकाशन।
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